खंभा घणी सा! जैसा कि आप सभी जानते हैं हम अपनी राजस्थान यात्रा की इस सीरीज में राजस्थान के पर्यटन स्थल के बारे में विस्तार से चर्चा कर रहे हैं जिसमें से हमने हमारे पिछले लेख में राजस्थान के भरतपुर डिवीजन और अजमेर डिवीजन में आने वाले सभी पर्यटन स्थलों के बारे में जाना है| तो इसी राजस्थान यात्रा में आगे बढ़ते हैं और आज जानते हैं राजस्थान के अंतर्गत आने वाले जयपुर डिवीजन के बारे में विस्तार से|
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जयपुर डिवीजन : राजस्थान में घूमने की जगह : राजस्थान यात्रा -5: Places to Visit in Jaipur Division
राजस्थान के जयपुर डिवीजन के अंतर्गत आने वाले जिले सीकर, जयपुर, अलवर, दौसा, खैरथल-तिजारा, झुंझनू तथा कोटपूतली-बहरोड़ हैं जिनमें से पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण जिले जयपुर, अलवर तथा दौसा हैं जिनके बारे में हमने आपको पर्याप्त जानकारी देने की कोशिश की है| तो अब जानते हैं जयपुर डिवीजन के इन पर्यटन स्थलों के बारे में-
जयपुर

‘पिंक सिटी’ के नाम से दुनिया भर में प्रसिद्ध जयपुर, राजस्थान राज्य की राजधानी है| वास्तुशास्त्र के अनुसार बनवाये गये भारत के पहले शहर जयपुर का निर्माण अम्बेर के राजा महाराजा सवाई जय सिंह द्वितीय ने करवाया था| जयपुर में पर्यटकों के आकर्षण के केंद्र यहाँ स्थित किले, महल तथा हवेलियाँ हैं जो इतिहासप्रेमियों के लिए पसंदीदा स्थान हैं| अगर आपको भी इतिहास से है प्यार और जानना चाहते हैं राजस्थान की संस्कृति के बारे में तो राजस्थान के जयपुर को अपनी राजस्थान ट्रिप में अवश्य शामिल करें|
जयपुर में घूमने की जगह-
हवा महल, जंतर-मंतर, आमेर का किला, जामा मस्जिद, जल महल, सिसोदिया रानी का बाग, सिटी पैलेस, जयगढ़ किला, रामबाग पैलेस, जवाहर कला केन्द्र, राज मंदिर सिनेमा, अल्बर्ट हॉल म्यूजियम तथा नाहरगढ़ किला आदि जयपुर के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल हैं|
अलवर

अलवर जिला जो कि अरावली पर्वत शृंखलाओं से सुशोभित है, सांस्कृतिक दृष्टिकोण के साथ ही साथ पर्यटकीय दृष्टिकोण से भी हमेशा से सभी के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है| यहाँ पर अद्भुत स्थापत्य कला के प्रतीक बने किले, महल, मंदिर तथा बावडिया भी हैं जहां पर अलवर की संस्कृति को दर्शाने वाले मत्स्य उत्सव का भी आयोजन किया जाता है जिसमें कलाकारों के द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन तथा कई प्रकार के साहसिक खेलों का भी आयोजन होता है|
हजारों साल पुराने इतिहास वाला अलवर, कभी एक रियासत की राजधानी हुआ करता था| अलवर जिसे राजपूतों का शहर कहा जाता है, वास्तव में इसको देख कर इसकी पुष्टि की जा सकती है क्योंकि समृद्ध विरासत वाले अलवर के प्रत्येक स्थान में इसके राजपूत अतीत का अनुभव मिलता है| राजस्थान की अलौकिक छवि का दीदार करने के लिए अलवर को राजस्थान में घूमने की जगह में अवश्य शामिल करें|
अलवर में घूमने की जगह-
राजा भर्तहरि पैनोरमा, बाला किला, नालदेश्वर तीर्थस्थल, नीलकंठ मंदिर, अलवर सिटी पैलेस, सिलीसेढ़ झील, जयसमंद झील, मोती डूंगरी, पैलेस म्यूजियम, सरिस्का पैलेस, पुरजन विहार, विजय मंदिर पैलेस, फतेहजंग गुम्बद, भानगढ़ किला, मूसी महारानी की छतरी, गर्भाजी झरना, सरिस्का वन्यजीव अभयारण्य, पांडु पोल, जैव विविधता पार्क, नारायणी माता मंदिर, करणी माता मंदिर, कंपनी बाग तथा जगन्नाथ मंदिर आदि अलवर के प्रसिद्ध स्थान हैं|
दौसा

राजस्थान राज्य का एक छोटा सा शहर दौसा, जिसका नाम संस्कृत के शब्द “धौ-सा” से लिया गया है जिसका तात्पर्य “स्वर्ग की तरह सुंदर” है| अपने अंदर ग्रामीण अनुभव की झलक दिखाने वाला दौसा, पूर्व कछवाहा राजवंश का पहला मुख्यालय हुआ करता था| अपने आप में कला, संस्कृति और शिल्प का संगम समेटे हुए दौसा में यहाँ के ऐतिहासिक स्थलों, मेलों तथा हस्तशिल्प की झलक स्पष्ट दिखाई देती है|
राजस्थान के प्रमुख और ऐतिहासिक पर्यटक स्थलों की सूची में शामिल दौसा, राज्य की राजधानी जयपुर से मात्र 58 किलोमीटर (लगभग) की दूरी पर स्थित है जिसे अपनी राजस्थान यात्रा में शामिल कर आप शहर की चहल-पहल से दूर एक शांत ग्रामीण वातावरण का अनुभव कर सकते हैं| अपनी राजस्थान यात्रा को और भी दिलचस्प बनाने के लिये दौसा को राजस्थान में घूमने की जगह में अवश्य शामिल करें|
दौसा में घूमने की जगह-
चाँद बावड़ी आभानेरी, भांडारेज, झाझीरामपुरा, माधोगढ़ किला, हर्षत माता मंदिर, संत सुंदरदास पैनोरमा, बांदीकुई, लोटवाड़ा, बांदीकुई चर्च, खवारावजी, नीलकंठ महादेव मंदिर तथा मेहंदीपुर बालाजी मंदिर आदि दौसा में घूमने योग्य प्रसिद्ध पर्यटन स्थल हैं|
इस प्रकार हमारा यह लेख ‘राजस्थान यात्रा-3’ यहीं समाप्त होता है जिसमें हमने आपको जयपुर डिवीजन के अंतर्गत आने वाले सभी पर्यटन जिलों के बारे में उचित जानकारी देने की कोशिश की है| आशा करते हैं हमारा यह लेख आपको पसंद आया होगा और आपको राजस्थान में घूमने की जगह के बारे में सही जानकारी देने में सफल रहा होगा| इसी आशा के साथ अपनी कलम को यहीं विराम देती हूँ और मिलती हूँ राजस्थान यात्रा के कुछ नए इतिहास के साथ अपने अगले लेख में| धन्यवाद| आपका दिन शुभ हो|





