खंभा घणी सा! राजस्थान एक ऐसा राज्य, जिसके कण- कण में एक अलग ही खुशबू है, जिसकी मिट्टी भी इसकी संस्कृति का बखान करती है| बात हो प्रसिद्ध थार रेगिस्तान की या बात हो यहाँ के सिद्ध मंदिरों की, राजस्थान का कोना-कोना अपने आप में समृद्ध है जहां पर इतिहास के पन्ने भी खोले जा सकते हैं साथ ही साथ यहाँ के महलों और हवेलियों की अद्भुत वास्तुकला को भी निहारा जा सकता है| तो क्यों न ऐसे ऐतिहासिक स्थान की अनूठी छवि को तराशने के लिए भरतपुर डिवीजन के अंतर्गत आने वाले राजस्थान में घूमने की जगह के बारे में और जाना जाए?
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जैसा कि हम आपको पहले ही बता चुके हैं कि राजस्थान के पर्यटन स्थल के बारे में हम राजस्थान के 7 डिवीजन के आधार पर जानेंगे| जिसमें से हम अजमेर डिवीजन की बात अपने पिछले लेख में कर चुके हैं तो आज बात करेंगे भरतपुर डिवीजन के अंतर्गत आने वाले राजस्थान के पर्यटन स्थल के बारे में| तो आगे बढ़ते हैं और जानते हैं कि भरतपुर डिवीजन के अंतर्गत आने वाले जिलों में क्या है खास? जो उनको बनाता है सबसे अलग और बेहतरीन| तो अपनी इस राजस्थान यात्रा की सीरीज में आगे बढ़ते हैं और अपनी राजस्थान यात्रा को और भी मनोहर बनाते हैं|
भरतपुर डिवीजन : राजस्थान में घूमने की जगह : Places To Visit In Bharatpur : राजस्थान यात्रा-2
भरतपुर डिवीजन के अंदर शामिल होने वाले जिले भरतपुर, सवाई माधोपुर, डीग, करौली तथा धौलपुर हैं जिनमें से पर्यटन की दृष्टि से हम इस लेख में भरतपुर, सवाई माधोपुर, करौली तथा धौलपुर पर के बारे में विस्तार से चर्चा करेंगे| तो अब जानते हैं भरतपुर डिवीजन के अंतर्गत आने वाले पर्यटन स्थानों के बारे में-
भरतपुर

‘राजस्थान का पूर्वी द्वार’ कहा जाने वाला भरतपुर, राजस्थान की राजधानी जयपुर से लगभग 178 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है| भरतपुर में सिनसिनवार कबीले के एक आदिवासी समुदाय का शासन हुआ करता था जो कि भारत 100 ईस्वी में आया था| भगवान राम के छोटे भाई भरत के नाम पर पड़े भरतपुर शहर का निर्माण महाराजा सूरज मल ने 1733 ई. में कराया था|
भरतपुर एक विश्व धरोहर स्थल है जो कि केवलादेव घाना राष्ट्रीय उद्यान के लिए भी जाना जाता है जहां पर आपको विश्व के सबसे प्रसिद्ध पक्षी देखने को मिलेंगे| भरतपुर को अपनी राजस्थान में घूमने की जगह में शामिल कर अपनी राजस्थान यात्रा को और भी सुखद अवश्य बनाएं|
भरतपुर में घूमने की जगह-
भरतपुर महल और संग्रहालय, केवलादेव घाना राष्ट्रीय उद्यान, लक्ष्मण मंदिर, लोहागढ़ किला, गंगा मंदिर, बैंड बरेठा, कामन, डीग, चावड़ देवी मंदिर, सीताराम मंदिर, गोपाल भवन, धौलपुर पैलेस, बाँके बिहारी मंदिर तथा राजकीय संग्रहालय आदि भरतपुर के प्रमुख पर्यटन स्थल हैं|
सवाई माधोपुर (रणथंभौर का सिंहद्वार)

सवाई माधोपुर की स्थापना महाराजा सवाई माधोसिंह के द्वारा 18वीं शताब्दी में की गई थी| यहाँ स्थित विश्व प्रसिद्ध रणथंभौर वन्यजीव अभयारण्य सबसे अधिक पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बना रहता है तथा सवाई माधोपुर का इतिहास भी रणथंभौर के किले के इर्द-गिर्द ही घूमता है| कुछ मैदानी तथा कुछ लहरदार पहाड़ी इलाके से सजे हुए सवाई माधोपुर में मोरेल तथा बनास प्रमुख नदियां बहती हैं|
सवाई माधोपुर जो कि महलों, किलों, मंदिरों तथा अपनी संस्कृति के द्वारा भारत के कोने-कोने से लोगों को आकर्षित करता है, अपने अंदर समृद्ध इतिहास भी सँजोये हुए है| एक तरफ विंध्य पर्वतमाला तथा दूसरी तरफ अरावली पहाड़ियों से घिरा सवाई माधोपुर, राजस्थान का एक महत्वपूर्ण अंग है जिसे राजस्थान में घूमने की जगह में शामिल कर राजस्थान की संस्कृति से अच्छे से मुखातिब हुआ जा सकता है|
सवाई माधोपुर में घूमने की जगह-
रणथंभौर राष्ट्रीय पार्क, राजीव गांधी क्षेत्रीय प्राकृतिक विज्ञान संग्रहालय, शिल्पग्राम, रणथंभौर का किला, अमरेश्वर महादेव मंदिर, खंडार किला, घुश्मेश्वर मंदिर, चमत्कार जी मंदिर, त्रिनेत्र गणेश मंदिर, सुनहरी कोठी, जामा मस्जिद, सुरवाल झील, चौथ माता मंदिर, हाथी भाटा तथा काचिदा घाटी आदि सवाई माधोपुर के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल हैं|
करौली

राजस्थान राज्य का लाल पत्थरों से चमकता हुआ करौली जिला मध्य प्रदेश के बॉर्डर पर स्थित है| अपने अनोखे इतिहास के अलावा करौली अपने पर्यटकों का स्वागत ‘अतिथि देवो भवः’ की नीति अपनाने के साथ ही साथ शांत और गाँव के माहौल के बीच करता है जिसमें उसकी राजस्थानी संस्कृति की झलक साफ दिखाई देती है|
अपने अंदर ऐतिहासिक किले, पुरातात्विक महत्व वाले किले, यहाँ की संस्कृति, सुसज्जित हवेलियाँ, स्मारक तथा कैलादेवी अभयारण्य क्षेत्र का पर्यटन समेटे हुए करौली पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है| करौली में आने वाले पर्यटक यहाँ की हस्तकला से अत्यधिक प्रभावित रहते हैं जिसमें प्रमुख स्थान यहाँ बनने वाली लाख की चूड़ियों का है, इसके अलावा यहाँ की हस्तकला में चकला-बेलन, लकड़ी के खिलौने, चारपाई तथा दीवान आदि भी शामिल हैं|
करौली में घूमने की जगह-
कैला देवी मंदिर, श्री महावीर जी मंदिर, मदन मोहन जी मंदिर, भंवर विलास महल, सिटी पैलेस, तिमनगढ़ किला, मंडरायल, गुफा मंदिर, कदमखुंदीटी गाँव, गढ़मोरा, देवगिरी किला, राजा गोपालसिंह जी की छतरी, कैला देवी अभयारण्य तथा गोमती धाम आदि करौली के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल हैं जिन्हें आप भरतपुर में घूमने की जगह में शामिल कर सकते हैं|
धौलपुर

राजस्थान के पूर्वी भाग में स्थित धौलपुर जिला, पूर्व में उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश, पश्चिम में करौली जिला, उत्तर में उत्तर प्रदेश तथा दक्षिण में मध्य प्रदेश से घिरा हुआ है| कला तथा पुरातत्व दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण इस जिले में कई प्राचीन किले, बावड़ी तथा महल हैं जो इसकी सांस्कृतिक विरासत को समृद्ध बनाए हुएहैं|
ऐसा कहा जाता है कि विविध संस्कृति और ऐतिहासिक भव्यता वाले धौलपुर की स्थापना तोमर शासक राजा ढोलन देव तोमर ने 700 ईस्वी में की थी जिनके नाम पर इस स्थान का नाम धवलपुरी (धौलपुर) रखा गया| इसे अवश्य ही भरतपुर में घूमने की जगह में शामिल करना चाहिए|
धौलपुर में घूमने की जगह-
शेर शिखर गुरुद्वारा, मचकुंड, निहाल टावर, वन विहार वन्य जीव अभयारण्य, शाही बावड़ी, सिटी पैलेस, शिव मंदिर और चौंसठ योगिनी मंदिर, दमोह, रामसागर अभयारण्य, तालाब-ए-शाही तथा शेरगढ़ किला आदि धौलपुर के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल हैं|
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इस प्रकार हमारा यह लेख ‘राजस्थान यात्रा-2’ यहीं पर समाप्त होता है जिसमें हमने आपको भरतपुर डिवीजन के अंतर्गत आने वाले पर्यटन स्थलों के बारे में समुचित जानकारी देने का पूरा प्रयास किया है| अगर हमारा लेख आपको राजस्थान में घूमने की जगह के बारे में सभी तरह की जानकारी देने में सफल रहा हो तो इसे अधिक से अधिक साझा अवश्य करें| आपका कीमती समय देने के लिए बहुत-बहुत धन्यवाद| आपकी यात्रा मंगलमय हो|





