अरावली पर्वत शृंखला के बीच बसा हुआ राजस्थान, भारत के लोकप्रिय पर्यटन स्थलों में से एक है जहां पर पर्यटकों हेतु आकर्षण की कोई कमी नहीं है| चाहे बात हो बड़े-बड़े मंदिरों की या बात हो सुंदरता की परिभाषा बताने वाली झीलों की, बात हो अद्भुत वास्तुकला के उदाहरण बनी हवेलियों की या बात हो यहाँ जोधपुर तथा बीकानेर डिवीजन में स्थित रेगिस्तान की, राजस्थान अपनी खूबसूरती का परचम हर दिशा से लहराये हुए है चाहे आप किसी भी ओर से देखें|
ऐसे राजस्थान की खूबसूरती को देखने के लिए राजस्थान में घूमने की जगह के बारे में जानकारी तो जरूरी है| तो अपनी राजस्थान यात्रा की ओर एक और कदम बढ़ाते हैं और जानते हैं राजस्थान के पश्चिम में स्थित बीकानेर को करीब से-
बीकानेर डिवीजन : राजस्थान में घूमने की जगह : राजस्थान यात्रा : Best Places to Visit in Bikaner Division
जैसा कि आप सभी जानते हैं हमने अपनी इस राजस्थान यात्रा को राजस्थान के 7 डिवीजन के आधार पर पूरा किया है जिसमें से हम 6 डिवीजन के बारे में आपको विस्तार से पहले ही बता चुके हैं| आज के लेख में हम बात करेंगे राजस्थान के 7वें डिवीजन बीकानेर डिवीजन के बारे में| बीकानेर डिवीजन के अंतर्गत आने वाले जिले बीकानेर, श्री गंगानगर, चुरू तथा हनुमानगढ़ हैं जिनमें से पर्यटन की दृष्टि से हम आज के लेख में बीकानेर, श्री गंगानगर तथा हनुमानगढ़ के बारे में विस्तार से जानेंगे|
बीकानेर

बीकानेर का निर्माण 1486 में एक राजपूत शासक राव बीका ने किया था| 15 वीं शताब्दी से पहले तक बीकानेर को जंगलदेश के नाम से जाना जाता था| यहाँ पर समय के साथ कई राजाओं के शासन काल रहे और उन्होंने यहाँ पर निर्माण कार्य कराए| बीकानेर, थार रेगिस्तान के बीच में स्थित है जिसके कारण यहाँ की जलवायु शुष्क और गर्म है|
‘ऊंटों का देश’ के नाम से प्रसिद्ध शहर बीकानेर में पूरे जिले में रेत के टीले फैले हुए हैं विशेष तौर पर उत्तर-पूर्व से लेकर दक्षिण तक| राजस्थान के प्राचीन शहरों में से एक बीकानेर लाल बलुआ पत्थर से बने किलों और महलों के माध्यम से भी आज भी अपनी भव्यता को कायम करे हुए है और दुनिया भर के पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है| यहाँ पर प्रसिद्ध करणी माता का मंदिर भी है जो चूहों के मंदिर के नाम से जाना जाता है|
बीकानेर में घूमने की जगह-
जूनागढ़ किला, लालगढ़ महल और संग्रहालय, गंगा सरकारी संग्रहालय, लक्ष्मी निवास पैलेस, रामपुरिया हवेली, राष्ट्रीय ऊंट अनुसंधान केंद्र, करणी माता मंदिर, कोडमदेसर मंदिर और झील, श्री लक्ष्मीनाथ मंदिर, गजनेर वन्यजीव अभयारण्य, राजस्थान राज्य अभिलेखागार, करणी माता पैनोरमा, सार्वजनिक पार्क, सूरसागर झील, रामदेव जी मंदिर (रुणीचा धाम), जैन मंदिर भांडासर, शिव बाड़ी मंदिर, देवी कुंड, कटारियासर गाँव, जोरबीड, दरबारी झील, रायसर टिब्बा, प्राचीना संग्रहालय, घोड़ा पारिस्थितिकी पर्यटन तथा गजनेर महल और झील आदि बीकानेर के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल हैं|
श्री गंगानगर

राजस्थान राज्य का जिला गंगानगर, पाकिस्तान की अंतर्राष्ट्रीय सीमा होने के साथ ही साथ पंजाब की सीमा के निकट स्थित है| गंगानगर का नाम बीकानेर के महाराजा श्री गंगा सिंह बहादुर के नाम पर रखा गया है|
“राजस्थान की खाद्य टोकरी” के रूप में जाना जाने वाला गंगानगर, राजस्थान का सबसे उत्तरी शहर है| अपनी उपज के रूप में कपास, गेंहूँ, बाजरा, सरसों, चना तथा गन्ना के लिए प्रसिद्ध श्रीगंगानगर का अधिकतर उद्योग कृषि पर निर्भर करता है जिसके माध्यम से यहाँ के निवासियों के लिए यह आजीविका का साधन बना हुआ है|
श्री गंगानगर में घूमने की जगह-
बरोर गाँव, बुड्ढा जोहड़ गुरुद्वारा, अनूपगढ़ किला, लैला मजनूँ का मजार, हिंदुमालकोट सीमा, पदमपुर, गौरी शंकर मंदिर तथा बालाजी धाम आदि श्री गंगानगर में दर्शनीय स्थान हैं|
हनुमानगढ़

घग्गर नदी के किनारे पर स्थित हनुमानगढ़ किसी समय में ‘भाटी’ राजपूतों का राज्य हुआ करता था| हनुमानगढ़ का निर्माण 1295 ई. में जैसलमेर के भाटी राजा के पुत्र भूपत ने कराया था| वर्ष 1805 में बीकानेर के राजा सूरतसिंह ने भाटियों को हराकर यहाँ पर अपना अधिकार जमा लिया और विजय का दिन मंगलवार होने के कारण इसका नाम प्राचीन नाम ‘भटनेर’ से बदलकर हनुमान जी के नाम पर ‘हनुमानगढ़’ रखा गया|
हनुमानगढ़ में घूमने की जगह-
श्री कबूतर साहिब गुरुद्वारा, श्री सूखा सिंह मेहताब सिंह गुरुद्वारा, माता भद्रकाली का मंदिर, गोगामेड़ी पैनोरमा, भटनेर किला तथा कालीबंगा पुरातत्व संग्रहालय आदि हनुमानगढ़ में घूमने की जगह हैं|
इस प्रकार हमारा लेख राजस्थान में घूमने की जगह (राजस्थान यात्रा-8) यहीं समाप्त होता है जिसमें हमने आपको राजस्थान के बीकानेर डिवीजन के बारे में उचित जानकारी देने की पूरी कोशिश की है| इसी के साथ हमारी राजस्थान यात्रा की यह सीरीज यहीं समाप्त होती है लेकिन आपको यह जान कर खुशी होगी कि अब हम आपको राजस्थान के जिलों के बारे में और भी जानकारी आने वाले लेखों में अवश्य देंगे| आशा करते हैं आप हमारे द्वारा दी गई जानकारी से संतुष्ट होंगे और हमारे लेखों को अपने प्रियजनों के साथ भी साझा करेंगे| धन्यवाद| आपकी यात्रा मंगलमय हो|

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