क्षेत्रफल की दृष्टि से भारत के सबसे बड़े राज्य राजस्थान को किसी भी परिचय की आवश्यकता नहीं है| बात हो यहाँ की अद्भुत वास्तुकला वाली प्राचीन धरोहर को निहारने की या बात हो यहाँ के लोगों की प्राचीन परंपराओं और संस्कृति के अनुभव की, राजस्थान अपने आप को सभी रंगों में रंगे है जिससे देख कर किसी के भी चेहरे पर चमक जरूर दिख जाती है|
अब तक हमारी राजस्थान यात्रा में हम काफी स्थानों के बारे में जान चुके है| इसी राजस्थान यात्रा को आगे बढ़ाते हैं और आज के लेख में जानते हैं उदयपुर डिवीजन के बारे में| राजस्थान के उदयपुर डिवीजन के अंदर आने वाले जिले उदयपुर, बांसवाड़ा, सलुम्बर, प्रतापगढ़, चितौड़गढ़, राजसमंद तथा डूंगरपुर हैं जिनमें से पर्यटन की दृष्टि से हम बांसवाड़ा, उदयपुर, चितौड़गढ़, डूंगरपुर तथा राजसमंद के बारे में विस्तार से चर्चा करेंगे| तो अब जानते हैं उदयपुर डिवीजन के अंतर्गत आने वाली राजस्थान में घूमने की जगह के बारे में-
उदयपुर डिवीजन : राजस्थान में घूमने की जगह : राजस्थान यात्रा -7: Best Places to Visit in Udaipur Division
उदयपुर

‘झीलों का शहर’ के नाम से मशहूर उदयपुर जो न जाने कितने लोगों की पसंदीदा जगह है, स्वयं को आधुनिकता के साथ ही साथ प्राचीनता से भी जोड़े हुए है| जयपुर की स्थापना वर्ष 1559 में महाराणा उदय सिंह द्वितीय ने की थी| अपने भव्य मंदिरों, महलों, खूबसूरत झीलों, वन्यजीव अभयारण्यों, संग्रहालयों तथा शानदार किलों का समावेश किए हुए उदयपुर दुनिया भर में प्रसिद्ध है| अपनी समृद्ध संस्कृति और परंपरा से सबका मन मोह लेने वाला उदयपुर वास्तविकता में सुंदरता का एक प्रतिबिंब है जिसकी खूबसूरती को निहारने के लिए उदयपुर को अवश्य ही राजस्थान में घूमने की जगह में शामिल करना चाहिए|
उदयपुर में घूमने की जगह –
पिछोला झील, लेक पैलेस, गणगौर घाट, विंटेज कार संग्रहालय, फतेहसागर झील, उदयपुर मार्केट, जग मंदिर, सिटी पैलेस, राजसमंद झील, करणी माता मंदिर, सहेलियों की बाड़ी, शिल्पग्राम, बागोर की हवेली, जीयन सागर, जगदीश मंदिर, उदय सागर झील तथा सज्जनगढ़ पैलेस आदि उदयपुर के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल हैं|
राजसमंद

राजस्थान की संगमरमरी भूमि के रूप में जाना जाने वाला राजसमंद, इतिहास को भी करीब से जानने वाला जिला है जिसने ‘रकमगढ़ का छपर’ में 1857 में ब्रिटिश सैनिकों और तात्या टोपे के बीच हुए स्वतंत्रता संग्राम के बीच हुए उतार-चढ़ाव को भी देखा है| राजस्थान राज्य की राजधानी जयपुर से 337 किलोमीटर (लगभग) दक्षिण में तथा झीलों के शहर उदयपुर से 61 किलोमीटर (लगभग) की दूरी पर स्थित राजसमंद एक समृद्ध जिला है जो इतिहास, संस्कृति, धर्म तथा अपने खनन उद्योगों के कारण देश भर में प्रसिद्ध है|
राजसमंद में पर्यटकों की रुचि के अनुसार पर्यटक स्थलों में इतिहास की अभिव्यक्ति करने वाले विभिन्न स्थानों जैसे कुम्भलगढ़, हल्दीघाटी युद्धक्षेत्र से लेकर धार्मिकता के प्रतीक बने कई शिव मंदिर हैं जिनके कारण आपको राजसमंद जैसे समृद्ध जिले को अपनी राजस्थान यात्रा में जरूर शामिल करना चाहिए|
राजसमंद में घूमने की जगह –
कुम्भलगढ़ का किला, नीलकंठ महादेव मंदिर, कुम्भलगढ़ वन्यजीव अभयारण्य, गोलेराव जैन मंदिर, राजसमंद झील, हल्दीघाटी तथा कांकरोली राजसमंद के प्रमुख पर्यटन स्थल हैं|
चितौड़गढ़

राजस्थान राज्य का चित्तौड़गढ़ जिला, दक्षिण में प्रतापगढ़, उत्तर-पूर्व में बूंदी, उत्तर में राजसमंद तथा पश्चिम में उदयपुर और भीलवाड़ा से घिरा हुआ है| चित्तौड़गढ़ से बहने वाली प्रमुख नदियां गंभीरी और बेड़च नदी हैं| राजपूताना के जुनून और बहादुरी की कहानियों से गूंजने वाला चित्तौड़गढ़ अपने अंदर किलों और महलों का वैभव समेटे हुए देश के कोने-कोने से पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है|
यहाँ स्थित चित्तौड़गढ़ किले के नाम पर ही चित्तौड़गढ़ का नाम रखा गया है और इस भव्य संरचना को यूनेस्को द्वारा विश्व धरोहर स्थल भी घोषित किया गया है| अपने उथल-पुथल वाले अतीत के कारण यह इतिहास प्रेमियों के लिए राजस्थान यात्रा का एक महत्वपूर्ण अंग बना हुआ है जिसने पूरे इतिहास में हिंसक मामलों का सामना मुख्य रूप से 3 बार किया है|
चित्तौड़गढ़ में घूमने की जगह –
चित्तौड़गढ़ किला, बस्सी गाँव, कीर्ति स्तम्भ, जैन मंदिर, बारोली मंदिर, गौमुख जलाशय, फतेह प्रकाश पैलेस (सरकारी संग्रहालय), विजय स्तम्भ, श्यामा मंदिर, सांवरिया जी मंदिर, कालिका माता मंदिर, सीतामाता वन्यजीव अभयारण्य, पद्मिनी पैलेस, बस्सी वन्यजीव अभयारण्य, समिधेश्वर मंदिर, भैंसरोड़गढ़ का किला, सती देवरी मंदिर, मेनल मंदिर और झरना, मीराबाई मंदिर, राणा कुंभा पैलेस, तुलजा भवानी मंदिर तथा रतन सिंह पैलेस आदि चित्तौड़गढ़ के प्रमुख पर्यटन स्थल हैं|
बांसवाड़ा

बांसवाड़ा जिसे ‘सौ द्वीपों का शहर’ के नाम से भी जाना जाता है, राजस्थान राज्य के दक्षिण में स्थित है| बांसवाड़ा किसी समय में महारावलों द्वारा शासित एक रियासत हुआ करती थी| ऐसा कहा जाता है कि एक भील शासक बंसिया ने यहाँ पर शासन किया था जिसके नाम पर इस स्थान का नाम बांसवाड़ा पड़ा| बांसवाड़ा के जंगलों में बांस के वृक्षों की प्रचुरता के कारण भी इस स्थान को बांसवाड़ा के नाम से जाना जाता है|
राजस्थान राज्य के दक्षिणी भाग में स्थित बांसवाड़ा अपनी सीमा गुजरात और मध्य प्रदेश से साझा करता है| जंगलों, पहाड़ियों तथा वन्य जीवन से समृद्ध जिला बांसवाड़ा, प्राकृतिक सुंदरता से भरपूर है तथा प्रकृति प्रेमियों के लिए वरदान स्वरूप है| अपनी राजस्थान यात्रा में राजस्थान के इस छिपे हुए हीरे को अवश्य तराशें और अपनी यात्रा को अधिक सुखद बनाएं|
बांसवाड़ा में घूमने की जगह –
ब्रम्हा मंदिर छींच, मंदारेश्वर मंदिर, विट्ठल देव मंदिर, मानगढ़ धाम, त्रिपुरा सुंदरी मंदिर, अब्दुल्ला पीर, रामकुंड, माही बजाज सागर बांध, कागदी पिक अप वियर, आनंद सागर झील, डायलाब झील, समाई माता मंदिर तथा साई बाबा मंदिर आदि बांसवाड़ा के प्रमुख पर्यटन स्थल हैं|
डूंगरपुर

डूंगरपुर का नाम डूंगरपुर की पूर्व रियासत की राजधानी तथा ‘पहाड़ियों के शहर’ के नाम पर रखा गया है| डूंगरपुर की स्थापना मेवाड़ के शासक कारण सिंह के बड़े बेटे रावल वीर सिंह ने 1258 ई. में स्थानीय भील सरदार डुंगरिया को बाहर निकाल कर की थी जिसके बाद उन्होंने इस शहर को उत्कृष्ट वास्तुकला वाली संरचनाओं से सुशोभित कर राजस्थान राज्य का एक शानदार नगीना बना दिया|
अरावली की तलहटी में बसे डूंगरपुर जिले में आदिवासी संस्कृति के प्रमुख मेला, बेणेश्वर मेला का भी आयोजन जनवरी या फरवरी के महीने में होता है जिसमें भील लोग उत्साह के साथ नाचते और गाते हैं| अपने महलों और शाही निवासों की असाधारण वास्तुकला से पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बना डूंगरपुर की पत्थर की बनी हुई संरचनाएं खिड़कियों से सजी हैं|
डूंगरपुर में घूमने की जगह –
उदय विलास पैलेस, गैब सागर झील, विजय राजराजेश्वर मंदिर, क्षेत्रपाल मंदिर, बेणेश्वरधाम, फतेह गढ़ी, राजकीय पुरातात्विक संग्रहालय, जूना महल, सुरपुर मंदिर, नागफन जी, श्रीनाथ जी मंदिर, देव सोमनाथ मंदिर, गलियाकोट तथा बादल महल आदि डूंगरपुर के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल हैं|
इस प्रकार हमारा लेख राजस्थान में घूमने की जगह (राजस्थान यात्रा-5) यहीं पर समाप्त होता है जिसमें हमने आपको उदयपुर डिवीजन में शामिल राजस्थान में घूमने की जगह के बारे में उचित जानकारी देने की पूरी कोशिश की है| आशा करते है आप हमारे द्वारा दी गई जानकारी से संतुष्ट होंगे और अपने प्रियजनों के साथ भी इस जानकारी को अवश्य साझा करेंगे| किसी भी प्रकार की त्रुटि के लिए हमें क्षमा करें और हमें कमेन्ट के माध्यम से भी बताएं| यहाँ यह भी बताना उचित होगा की इस ब्लॉग में कई जानकारी ट्रैवल ट्रैगल नामक वेबसाईट से भी ली गई है जो की ट्रैवल की दुनिया की जानी मानी साइट है| धन्यवाद| आपकी यात्रा शुभ हो|

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